परिवर्तन संस्था भारत का द्वितीय अधिवेशन
रूद्रपुर। परिवर्तन संस्था भारत के द्वितीय अधिवेशन में संस्था के पदाधिकारियों से समाज में जाकर संपर्क और संवाद करने की अपील की गई, ताकि समाज हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाते हुये राष्ट्र को विकसित करने में अपना योगदान दे सके।
यहां एक होटल में आयोजित अधिवेशन वेदवीर सिंह आदिवासी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। जिसका संचालन जिलाध्यक्ष ई. राकेश कुमार ने किया। अधिवेशन का शुभारंभ बाबा साहब अम्बेडकर के चित्र के सम्मुख पुष्प अर्पित कर संस्था के समूह गान के साथ हुआ। मुख्य अतिथि चौधरी विनोद अम्बेडकर ने कहा कि समाज में चल रही क्षेत्रवादी, जातिवादी विचारधारा से विरत उद्देश्यहीन संगठन अनकैडराइज अनट्रेंड व्यक्तिगत स्वार्थ की भावना वाले नेताओं ने समाज को दिग्भ्रमित किया हुआ है। जिसकी वजह से समाज जातियों में बिखरा हुआ है। शिक्षा से वंचित है और उनके साथ शोषण और हकमारी होती है। उन्होंने कहा कि सौभाग्य से आप लोगों के पास 30 वर्षों की लीगेसी अनुभव विचारधारा पर आधारित राष्ट्रीय स्तर का कैडरबेस संगठन और ईमानदार, त्याग, बलिदान, परिश्रम करने वाला नेतृत्व है। उनका कहना था कि परिवर्तन संस्था समाज के बौद्धिक स्तर और चरित्र को ऊंचा उठाकर समाज में एकजुटता पैदा करने वाला एकमात्र संगठन है। उन्होंने अपील की कि संस्था के पदाधिकारी समाज में जाकर संपर्क और संवाद करें और उन्हें अपने ही समाज के सही गलत, दोस्त दुश्मन की पहचान करना सिखाए। तभी समाज हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाते हुवे राष्ट्र को विकसित करने में अपना योगदान दे सकेगा। उनका कहना था कि परिवर्तन संस्था द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रीय स्तर पर समता, समानता, बंधुत्व के आंदोलन को मनी, माइंड व समय देकर सहयोग करें। इस मौके पर अशोक गौतम, सरदार सोप्रीत सिंह भाटिया, रामरतन लाल, शिवांगी, वेदप्रकाश दिवाकर, हरकेश सिंह, अक्षय लाल, विशाल कुमार, मनोहर लाल, सेवाराम, दिवाकर, भगीरथ, मुकेश कुमार आदि मौजूद रहे।







