सितारगंज। श्री रामलीला कमेटी के तत्वावधान में रामलीला मैदान के मंच पर हुई रामलीला के दौरान राम—केवट संवाद का मंच किया गया। श्रीराम व केवट के संवाद में केवट ने अपनी वाकपटुता का परिचय देते हुए भगवान श्रीराम के कर कमल धोने का सौभाग्य प्राप्त किया। वृन्दावन से आई रामलीला कमेटी के अभिनयकर्ताओं ने इस दृश्य में पस्तुत किया कि श्री राम ने केवट से नाव मांगी तो वह कहने लगा उसने श्री राम का भेद जान लिया है। श्री राम के चरण कमलों की धूल कोई जड़ी है जिसके छूते ही पत्थर की शिला सुंदर स्त्री हो गई थी। उसकी नाव तो काठ की है। यदि श्री राम के चरण उस पर पड़े तो वह भी पत्थर की हो जाएगी। वह लुट जायेगा और उसकी रोजी मारी जाएगी। वह इसी नाव से सारे परिवार का पालन-पोषण करता हैं। उसके पास कोई दूसरा धंधा नहीं है। केवट का कहना था कि हे प्रभु यदि आप पार जाना चाहते हो तो पहले उसे अपने चरणकमल धो लेने दें। वह चरण कमल धोकर उन्हें नाव पर चढ़ा लेगा। वह उनसे कुछ उतराई नहीं चाहता। इस प्रकार लीला के इस दृश्य ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।







